श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विशेषज्ञों ने कहा कि संक्रमण से बचाव और मरीजों को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में स्वच्छता एवं हैंड हाइजीन की महत्वपूर्ण भूमिका है। हाथों की सही तरीके से सफाई न केवल संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद करती है, बल्कि मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है। इसी उद्देश्य से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत सैनिटेशन एवं हाइजीन विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मरीजों, तीमारदारों, पीजी स्टूडेंट्स, नर्सिंग इंचार्जों, नर्सिंग स्टाफ सहित अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
उल्लेखनीय है कि कायाकल्प योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, जैव-चिकित्सीय कचरे के उचित प्रबंधन तथा संक्रमण नियंत्रण संबंधी मानकों के पालन पर जोर दिया जाता है। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मंगलवार को कार्यशाला का शुभारंभ डाॅ नीलकमल कुमार, डायरेक्टर, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज, श्री महंत इन्दिेरश अस्पताल, डॉ. उत्कर्ष शर्मा, प्राचार्य, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, डॉ. वीरेन्द्र वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक तथा शैली पॉल, नर्सिंग अधीक्षिका ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान इन्फेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल टीम ने हैंड हाइजीन के विभिन्न चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए हाथों को सही तरीके से धोने और सैनिटाइज करने की प्रक्रिया समझाई। विशेषज्ञों ने बताया कि अस्पतालों में संक्रमण की रोकथाम के लिए हाथों की नियमित एवं उचित सफाई, स्वच्छ वातावरण और निर्धारित हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद आवश्यक है।
इस अवसर पर मेडिकल छात्र-छात्राओं एवं नर्सिंग स्टाफ ने नुक्कड़ नाटक, म्यूजिकल डांस और रंगोली के माध्यम से स्वच्छता एवं हैंड हाइजीन के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों के जरिए लोगों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने और संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
डॉ नीलकमल कुमार ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण हम सभी की जिम्मेदारी है, यह केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल सभी प्रक्रियाओं को पूर्णतः एसेप्टिक सावधानियों (संक्रमण-मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक सावधानियों) के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है। एंटीबायोटिक दवाओं का विवेकपूर्ण उपयोग करना और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोध) को रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि स्वच्छता और हैंड हाइजीन संक्रमण की रोकथाम के सबसे सरल एवं प्रभावी उपायों में शामिल हैं। अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को हाइजीन संबंधी मानकों का नियमित पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक आदत का हिस्सा बनाना जरूरी है। सामूहिक प्रयासों और सही व्यवहार से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर श महंत इन्दिरेश अस्पतल के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, डाॅक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे

