टिहरी जनपद में जिला योजना के आवंटन में जिस प्रकार खुलेआम भेदभाव, पक्षपात और मनमानी की जा रही है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी हों या जनप्रतिनिधि, योजनाओं का लाभ केवल अपने-अपने चहेतों तक सीमित कर दिया गया है, जबकि आम जनता और दूरस्थ क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
कीर्तिनगर एवं हिंदोलाखाल विकासखंडों में कहीं एक ही जनप्रतिनिधि को 20–25 लाख रुपये तक की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, तो कहीं किसी क्षेत्र को मात्र 6 लाख रुपये देकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। आखिर इस भेदभाव का आधार क्या है? जब सभी क्षेत्र समान अधिकार रखते हैं, तो योजनाओं के वितरण में यह दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है?
हम ऐसे सदन का विरोध एवं बहिष्कार करते हैं, जहाँ जनहित के गंभीर मुद्दों पर निष्पक्ष चर्चा के बजाय केवल औपचारिकताएँ निभाई जाती हैं। हमारी स्पष्ट मांग है कि जिला योजना का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी क्षेत्रों के साथ समान न्याय के सिद्धांत पर किया जाए।
इतना ही नहीं, कीर्तिनगर लोक निर्माण विभाग को खोला शील कपरोली रोड कटिंग के दौरान स्कूल के रास्ते एवं गाँव के आम रास्ते एवं किसी के मकान के आंगन पूर्ण रूप से क्षति ग्रस्त होने से मकान का खतरा बना हुआ है वही बडोन मे भी दो तीन मकानों के आंगन रास्ते क्षति ग्रस्त हो रखे हैं लेकिन विभाग सुद लेने को तैयार नहीं है वही जल संस्थान एवं जलनिगम की कार्यप्रणाली भी पूरी तरह सवालों के घेरे में है। क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर अनेक बार लिखित प्रस्ताव दिए गए, बार-बार मौखिक रूप से अधिकारियों को अवगत कराया गया, धरना-प्रदर्शन किए गए और दोनों अधिशासी अभियंताओं जल संस्थान और जल निगम ने एक माह का लिखित अश्वासन भी दिया गया था इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
दुर्भाग्य की बात यह है कि वर्षों से हम वही मांगें बार-बार उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं। यदि जनता की आवाज़ सुनने और अपने दायित्वों का निर्वहन करने की इच्छा ही नहीं है, तो ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को इन पदों पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
हम स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि यदि जिला योजना एवं क्षेत्रीय विकास कार्यों में भेदभाव समाप्त नहीं किया गया और क्षेत्र की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
विरोध दर्ज कराने वाले जिला पंचायत सदस्य: • देवेंद्र भट्ट — जिला पंचायत सदस्य, जामटी–पौड़ीखाल

  • कविता देवी — जिला पंचायत सदस्य, खोला–कड़ाकोट
  • अनुज साह — जिला पंचायत सदस्य, चकरेड़ा
  • दरशनी रावत — जिला पंचायत सदस्य, बाग्यों–सारजुला

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